शर्म करो! सैफ अली खान और करण जौहर को नहीं पता था ‘पुत्र मोह’ का मतलब

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SHAME! Saif Ali Khan and Karan Johar Did Not Know 'Putra Moh' Means

SHAME! Saif Ali Khan and Karan Johar Did Not Know 'Putra Moh' Means

इन्हें कूल कहा जाए यह इसे हिंदी का अपमान समझा जाए ये तय करना तो दर्शकों का काम है लेकिन ये हिंदी सिनेमा का दुर्भाग्य है कि हिंदी ना जानने वाले ऐक्टर्स और डायरेक्टर्स इसके राजा बने बैठे हैं जो हिंदी की खाते हैं जिनका घर हिंदी से चलता है जिनकी दुकानों पर हिंदी ग्राहक आते हैं वो मुँह से 2 मिनट लगातार हिंदी भी नहीं बोल पाते कॉफी विद करण में एक बार फिर कुछ ऐसा हुआ है जिसे देखकर आपके दिल में चुभन जरूर होगी कॉफी विद करण के नए एपिसोड में सैफ अली खान अपनी माँ शर्मिला टैगोर के साथ मेहमान बनकर पहुंचे.

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इस एपिसोड में सैफ और शर्मिला ने काफी खुलकर बातें की माँ और बेटे के रिश्ते पर बात करते हुए शर्मिला ने पुत्रमोह शब्द का इस्तेमाल कर लिया बस यही सैफ और करण दोनों फंस गए पहले तो दोनों को समझ ही नहीं आया की वो क्या कहने की कोशिश कर रही है उन्होंने शर्मिला से पूछा कि क्या वो बेंगाली में बात कर रही है इस पर शर्मिला ने अपना माथा पीटा और सैफ से कहा की तुम हिंदी सिनेमा के एक्टर हो करण जौहर भी पुत्रमोह का मतलब नहीं बता पाए.

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इसके बाद सैफ ने पुत्रमोह का मतलब माइ सन बताया और कहा ये बंगाली का वर्ड है करण ने भी उनकी हाँ में हाँ मिलाई बाद में शर्मिला ने इसका मतलब बताया उन्होंने कहा कि पुत्र का मतलब बेटा और मोह का मतलब लगाव यानी अटैचमेंट लोगों को बड़ी हैरानी हुई है कि पुत्रमोह हिंदी का प्रचलित शब्द है और ये दोनों हिंदी फ़िल्में बनाते हैं उनमें काम करते हैं और ये इसका मतलब नहीं बता सके इससे पहले जब करीना आलिया शो में आई थीं तो करण ने पूछा था कि ननद भाभी कौन होती है.

SHAME! Saif Ali Khan and Karan Johar Did Not Know 'Putra Moh' Means
SHAME! Saif Ali Khan and Karan Johar Did Not Know ‘Putra Moh’ Means

जबकि करण ऐसी ननद भाभी के रिश्ते वाली कई फ़िल्में बना चूके हैं सैफ और करण को इस बात को लेकर जमकर ट्रोल किया जा रहा है एक यूज़र ने लिखा दोनों हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में काम करते हैं हिंदी में फ़िल्में बनाते हैं और उसमें एक्टिंग करते हैं लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि बहुत कम ऐसे स्टार्स हैं जो हिंदी को अच्छे से बोलते हैं और समझते हैं ये बहुत शर्मनाक बात है दूसरे ने लिखा वो लोग हिंदी जानना इसलिए ऐक्नॉलेज नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह बहुत मिडल क्लास है.

करण जौहर दो दशकों तक हिंदी सिनेमा में काम करने के बावजूद इतने फेक है सैफ से तो बेंगोली जानने की उम्मीद भी नहीं रख सकते और ये लोग रवीन्द्रनाथ टैगोर के वंशज हैं एक और लिखा क्या बकवास है ये, ये लोग बस इसलिए हिंदी नहीं समझने का नाटक करते हैं क्योंकि हिंदी नहीं आना इन्हें बहुत कूल लगता है फिर भी इनकी जिंदगी हिंदी भाषा की फ़िल्में करके ही चल रही है अगले ने लिखा करीना और आलिया वाले एपिसोड में वो दोनों ननद और भाभी कौन होती है.

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इस पर चर्चा कर रही थी 20 से 30 साल हो गए फ़िल्में बनाते अभी तक ये नहीं पता की ननद भाभी कौन होती है ये जान बूझकर बेवकूफ होने का नाटक करते हैं दुनिया में हिंदी सिनेमा एक ऐसा इकलौता सिनेमा है जहाँ के ऐक्टर्स और डायरेक्टर्स सेट पर अंग्रेजी में बात करते हैं चाइनीज सिनेमा के ऐक्टर्स चाइनीज बोलते हैं इटली के इटालियन बोलते हैं जापान के जैपनीज़ बोलते हैं.

यहाँ तक कि तमिल वाले तमिल में तेलुगु वाले तेलुगु में बात करते हैं लेकिन हिंदी सिनेमा में आज के दौर में कुछ ही गिने चुने ऐक्टर होंगे जो सही से हिंदी समझते और बोल पाते है वरना सब के सब अंग्रेज बनकर बैठे हैं वेल आप क्या कहेंगे इस पर हमें अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं बाकी और भी ऐसी ही अपडेट्स पाने के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वॉइन करें.

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